
देश के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक विश्वेश्वर हैं। देश के हर जगह से श्रद्धालु इनका दर्शन-पूजन करने आते हैं। काशी खंड के अनुसार काशी के सर्वोच्च पदासीन संचालक रूप विश्वेश्वर ही है। मुस्लिम शासकों ने कई बार विश्वेश्वर को क्षति पहुंचवाई। राजा टोडर मल ने 1558 के आस-पास शिवालय का निर्माण कराया था। इसके बाद 1669 में कट्टर मुस्लिम शासक औरंगजेब ने विश्वेश्वर का मंदिर तोड़वा दिया। बाद में इन्दौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने विश्वेश्वर के वर्तमान मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर ज्ञानवापी में हैं। विश्वेश्वर भगवान शिव की विराटता और सृष्टि संचालक रूप का सूचक हैं।
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